China में बनी COVID 19 की VACCEEN, मानव शरीर पर सफल परीक्षण का दावा

Must Read

दादी के दम से चौंक गई दुनिया, कोबरा को पूँछ पकड़ कर फेंका

सोशल मीडिया पर वायरल हुई दादी की वीडियो को बहुत पसंद किया जा रहा है| 2 लाख से भी...

1 जून से बदल जाएंगे रेलवे, LPG, राशन कार्ड और विमान सेवा से जुड़े ये 5 नियम

जैसे की हम सभी जानते हैं की चौथा lockdown भी खत्म होने वाला है,और 31 मई को चौथा lockdown...

Mansoon 2020: 1 जून को भारत में दस्तक देगा मानसून, मौसम विभाग ने जताई संभावना

भारतीय मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि 1 जून को देश के केरल राज्य में दक्षिण...
- Advertisement -
- Advertisement -
- Advertisement -

COVID 19 (कोविड 19) की वैक्सीन (VACCEEN) बन गई है। चीन ने इसका दावा किया है। उसने कहा है कि वैक्सीन (VACCEEN) का क्लीनिकल ट्रायल भी सफल हो गया। यह टीका मनुष्यों के लिए सुरक्षित है। इसको लेकर चीन की द लांसेट पत्रिका में शोध भी प्रकाशित हुआ है। यह वैक्सीन (VACCEEN) चाइनीज कंपनी कैनिसिनो ने बनाई है।
दावा किया जा रहा है कि वैक्सीन का परीक्षण 108 वयस्क व्यक्तियों पर किया गया। इसका नाम AD 5 वेक्टर्ड कोविड-19 है। वैक्सीन ने मानव शरीर के अंदर सार्स-सीओवी-2 को खत्म करने वाले एंटीबॉडी पैदा किए। रोग प्रतिरोधक तंत्र की टी-कोशिका की मदद से प्रतिक्रिया उत्पन्न की।

मानव शरीर पर VACCENE के प्रयोग के 28 दिन बाद परिणाम दिखने शुरू हुए। पत्रिका में कहा गया है कि वैक्सीन के परिणामों का अगले छह माह तक परीक्षण किया जाएगा। अध्ययन के सह-लेखक बीजिंग इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के वेई चेन ने बताया कि मानव शरीर में परीक्षण में कुछ दुष्प्रभाव भी थे। मांसपेशियों में दर्द होना और बुखार लेकिन यह सभी परीक्षण के अंत तक खत्म हो गए।

वैक्सीन में एडेनोवायरस का इस्तेमाल किया गया

एडेनोवायरस टाइप 5 वेक्टर्ड कोविड-19 की एक खुराक से 14 दिन में वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी और टी कोशिकाएं पैदा होती हैं। इसमें जुकाम पैदा करने वाले कमजोर पड़े एडेनोवायरस का इस्तेमाल किया गया जो कोशिकाओं में सार्स-सीओवी-2 स्पाइक प्रोटीन के लिए कोडिंग का काम करने वाली आनुवंशिक सामग्री तैयार करता है। ये कोशिकाएं फिर स्पाइक प्रोटीन पैदा करती हैं और कोरोना वायरस से लड़ती हैं।

अभी अध्ययन पूरा नहीं, और शोध की जरूरत

हालांकि इस टीके का परीक्षण सकारात्मक रहने के दावे किए गए हैं, चीन स्थित बीजिंग इस्टीट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं समेत अन्य वैज्ञानिकों ने कहा है कि इस पर अभी और अध्ययन करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस बात की पुष्टि करने के लिए कि सार्स-सीओवी-2 संक्रमण के खिलाफ यह टीका पूरी तरह से संरक्षण देता है या नहीं, इसके लिए और अध्ययन करना होगा।

- Advertisement -
- Advertisement -

Latest News

दादी के दम से चौंक गई दुनिया, कोबरा को पूँछ पकड़ कर फेंका

सोशल मीडिया पर वायरल हुई दादी की वीडियो को बहुत पसंद किया जा रहा है| 2 लाख से भी...

1 जून से बदल जाएंगे रेलवे, LPG, राशन कार्ड और विमान सेवा से जुड़े ये 5 नियम

जैसे की हम सभी जानते हैं की चौथा lockdown भी खत्म होने वाला है,और 31 मई को चौथा lockdown भी खत्म हो जायेगा। ये...

Mansoon 2020: 1 जून को भारत में दस्तक देगा मानसून, मौसम विभाग ने जताई संभावना

भारतीय मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि 1 जून को देश के केरल राज्य में दक्षिण पश्चिम दिशा से मानसून दस्तक...

आखिर सड़क के बीच कार्तिक आर्यन ने क्यों बदले कपड़े?

लॉक डाउन के दौरान भी कार्तिक अपने फंस से जुड़े हुए हैं| सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरों और वीडियो को डालकर वह सुर्खियों में...

अमिताभ बच्चन न अब दान की 20 हजार पीपीई किट, प्रवासियों को भी बसों से किया रवाना

कोरोना वायरस से जंग लड़ रहे देश की साथ बॉलीवुड के कई कलाकार खड़े हो गए हैं । इनमें अक्षय कुमार सोनू सूद सलमान...
- Advertisement -