बोट अकाउंट के बारे में क्या आप,जानते हैं, यहां हो रही अमेरिका को खोलने की मांग

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वैश्विक महामारी से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। ऐसे में अमेरिका जैसे अमीर देश के लोग भी अब लॉकडाउन को खत्म करने की मांग करने को मजबूर हो गए हैं। खास बात यह है कि ट्विटर पर बोट अकाउंट के जरिये अमेरिका को खोले जाने को लेकर जबर्दस्त मुहिम शुरू कर दी गई है। दरअसल बोट अकाउंट एक तरह के आटोमेटेड प्रोग्राम होते हैं, जो खुद व खुद चलते रहते हैं अन्यथा किसी खास कमांड के जरिये ऑपरेट हो जाते हैं। कार्नेगी मेलन विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर इंफॉरम्ड डेमोक्रेसी एंड सोशल साइबरसिक्योरिटी में शोध कर रही छात्रा काथलिन एम कारली भी लंबे अर्से से बोट अकाउंट की निगरानी के साथ ही अभियानों में उनके प्रभावों की जांच करने में जुटी हुई हैं। छात्रा ने अब तक जो अध्ययन किया है, उसके मुताबिक अमेरिका में, विदेशी चुनावों में, प्राकृतिक आपदाओं के अलावा अन्य राजनीतिक घटनाक्रमों में बोट की भागीदारी 10 से 20 प्रतिशत तक रहती है। ऐसे में अमेरिका में कोरोना महामारी के चलते लगाए गए लॉकडाउन को खोले जाने की मांग तेजी से उठ रही है। इस पर इन शोधकर्ताओं का मानना है कि इसमें करीब 60 फीसद अकाउंट बोट अकाउंट हो सकते हैं। इसके पीछे शोधकर्ताओं का तर्क है कि फरवरी में बोट अकाउंट ज्यादा बनाए गए हैं। इसलिए हो सकता है कि इन्हीं अकाउंट के जरिये इस मुहिम को हवा दी जा रही हो। यहां बता दें कि अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर भी सगर्मियां शुरू हो गई हैं, ऐसे में राष्ट्रपति ट्रंप के विरोधियों द्वारा तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास भी किए जाने से इन्कार नहीं किया जा सकता है। ऐसे में हो सकता है कि बोट अकाउंट के जरिये अमेरिका की स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाने के साथ ही लॉकडाउन का खत्म किए जाने का दबाव बनाया जा रहा हो, ताकि जब देशवासियों का भरोसा टं्रप और उनकी नीतियों से उठ जाए, जिसका चुनाव में फायदा उठाया जा सके।

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