आखिर चल गया ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस का दांव, ब्रेग्जिट में मिली बड़ी जीत

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नई दिल्ली । मध्यावधि चुनाव कराने का ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (Borish jonshon) का दांव चल गया। उनकी कंजरवेटिव पार्टी ने 650 सदस्यीय संसद में 364 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। इन नतीजों को ब्रेक्जिट (यूरोपीय यूनियन से ब्रिटेन के अलग होने) पर ब्रिटिश (British) मतदाताओं की मुहर के तौर पर देखा जा रहा है। चुनाव जीतने के बाद जॉनसन ने समर्थकों से कहा कि उन्हें नया जनादेश मिला है। ब्रिटेन 31 जनवरी को यूरोपीय यूनियन (ईयू) से अलग हो जाएगा। ब्रेक्जिट पर दोबारा जनमत संग्रह की पैरवी करने वाली विपक्षी लेबर पार्टी (Labur party) को करारी हार का सामना करना पड़ा है। कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के मुद्दे पर भारत का विरोध करने वाली यह पार्टी 203 सीटों पर सिमट गई। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत दुनियाभर के नेताओं ने जॉनसन को जीत पर बधाई दी है।
आम चुनाव में सत्तारूढ़ कंजरवेटिव पार्टी की जीत ब्रेक्जिट (Breguit)विरोधी दलों के लिए करारा झटका मानी जा रही है। लेबर पार्टी समेत कई दलों ने संसद में यूरोपीय यूनियन से ब्रिटेन के अलग होने के प्रस्ताव को पारित नहीं होने दिया था। इसी के बाद जॉनसन ने इस उम्मीद के साथ मध्यावधि चुनाव का एलान किया था कि वह चुनाव जीतकर 31 जनवरी को 28 सदस्यीय यूरोपीय यूनियन से अपने देश को अलग करने में सफल होंगे। गत जुलाई में प्रधानमंत्री बनने वाले जॉनसन ने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि सिर्फ उनकी ही पार्टी देश को ब्रेक्जिट के जाल से निकाल सकती है जबकि जेरेमी कॉर्बिन के नेतृत्व वाली विपक्षी लेबर पार्टी ने वादा किया था कि वह ब्रेक्जिट पर दोबारा जनमत संग्रह कराएगी। ब्रिटेन में ब्रेक्जिट पर 2016 में जनमत संग्रह कराया गया था। तब ब्रेक्जिट के पक्ष में 52 फीसद वोट पड़े थे।
वर्ष 1935 के बाद सबसे बड़ी हार का सामना करने वाली लेबर पार्टी को उन सीटों पर भी मुंह की खानी पड़ी है, जिन पर वह पारंपरिक तौर पर जीतती आ रही थी। नॉर्थ लंदन सीट से चुनाव जीतने वाले लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कॉर्बिन ने कहा, मैं अगले चुनाव में पार्टी का नेतृत्व नहीं करूंगा।
55 वर्षीय जॉनसन लंदन की अक्सब्रिज सीट से संसद के लिए चुने गए। न्यूयॉर्क में पैदा हुए, लेकिन ब्रिटेन में बसे जॉनसन का भारत से भी जुड़ाव रहा है। उनकी पूर्व पत्नी मरीना व्हीलर की मां भारतीय मूल की थीं।

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