अमेरिका ने इसलिए इराक पर हमला कर सुलेमानी को मार गिराया

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नई दिल्ली । अमेरिका भले ही इराक और सीरिया में मारे गए अपने सैनिकों के लिए सुलेमानी को जिम्मेदार मानता रहा हो, लेकिन हकीकत यह है कि ईरान के लोग हमेशा ही सुलेमानी को अपना हीरो मानते रहे हैं। ऐसे में अमेरिका लंबे अर्से से इराक पर तरह-तरह के आरोप लगाकर हमला करने की योजना बना रहा था । हाल में इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिका दूतावास को कुछ लोगों ने घेर लिया था और हमले की कोशिश की थी। इसके बाद अमेरिका ने तुरंत कहा कि इराक में अमेरिकियों को मारने की कोशिश की जा रही है। कुछ हफ्ते पहले इराक के एक अमेरिका बेस पर मिसाइल हमला हुआ था। इसमें अमेरिकी सेना का एक कॉन्ट्रैक्टर मारा गया था। ट्रंप ने इस हमले का आरोप ईरान पर लगाया था और गंभीर नतीजे भुगतने की धमकी दी थी।
ईरान की सेना में सुलेमानी रिवॉल्यूशनरी गाड्र्स की यूनिट ‘कुद्स फोर्सÓ के कमांडर जनरल थे। वह देश के सबसे शक्तिशाली सैन्य अफसर माने जाते थे। ईरान की सुरक्षा का जिम्मा सुलेमानी के पास ही था। उनके सैन्य संगठन को अप्रैल 2019 में अमेरिका ने प्रतिबंधित विदेशी आतंकवादी संगठन की सूची में डाल रखा है। 1998 से कुद्स फोर्स मुख्य तौर पर विदेशों में गुप्त ऑपरेशन चलाती है। यह फोर्स इराक और सीरिया में कई मिलिट्री ऑपरेशन कर चुकी है। कुल मिलाकर यह फोर्स इराक और सीरिया में अमेरिकी प्रभाव कम करने पर काम करती है।
वर्ष 2000 में ईरान विरोधी इराक के शासक सद्दाम हुसैन के खिलाफ शिया मुस्लिम और कुर्दिश समूहों को जोड़कर फोर्स तैयार करना सूलेमानी पर पहला बड़ा कदम बताया जाता है। लेकिन 2003 में अमेरिका ने इराक पर हमला बोला और वहां सैनिकों ने बेस बना लिए। तब से सूलेमानी का टारगेट बदल गया। उनसे जुड़ी फोर्स और संगठन अमेरिकी सैनिकों पर हमला करने लगे। 2004 से जितने अमेरिकी सैनिक खाड़ी देशों (खासतौर पर सीरिया और इराक) में मारे गए, उसके पीछे अमेरिका सूलेमानी को साजिशकर्ता बताता रहा है। हालांकि कई खतरे होने के बावजूद सूलेमानी लेबनान, सीरिया और इराक के युद्ध क्षेत्रों में भी जाते रहते थे।
रूसी विदेश मंत्री के हवाले से कहा गया, ‘सुलेमानी को वफादारी से ईरान के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने की कीमत चुकानी पड़ी। हम ईरानी लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं।Ó चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘चीन हमेशा से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बलों के प्रयोग का विरोध करता रहा है। हम संबंधित पक्षों, विशेष रूप से अमेरिका से आग्रह करते हैं कि तनाव से बचने के लिए शांति और संयम बरते।Ó
यह हमला होने पर इराक के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अब्देल अब्देल मेहदी ने कहा कि अमेरिकी हमला एक आक्रमण है, जिससे विनाशकारी युद्ध भड़क सकता है। वहीं सीरियाई सरकार ने अमेरिका पर मध्यपूर्व में संघर्ष भड़काने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

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