JNU violence में गमाई सियासत, राहुल गांधी ने भाजपा को घेरा

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नई दिल्ली । राजधानी होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले जेएनयू में हुई हिंसा से सियासी माहौल और अधिक गर्मा गया है। राहुल गांधी ने जेएनयू हिंसा के लिए भाजपा पर करारा हमला बोलते हुए कहा है कि फासीवादी ताकतें अनियंत्रित हो चुकी हैं, और वह राजधानी में जगह-जगह हिंसा की वारदात को अंजाम दे रही है। यही नहीं उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि केंद्र सरकार छात्रों की आवाज से डरने लगी है। वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने घायल हुए जेएनयू के छात्रों से एम्स में पहुंचकर मुलाकात की और उनका हाल जाना। साथ ही कहा कि छात्रों पर किए गए हमले मानवता के खिलाफ हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि एक तरफ जहां छात्रों पर हमले हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री और गृहमंत्री चुप्पी साधे हुए हैं। आखिर इन फासीवादी ताकतों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। वहीं दूसरी तरफ भाजपा ने कपिल मिश्रा ने ट्वीट कर विपक्षी दलों पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि एक माह पहले जब पुलिस ने जेएनयू में घुसकर उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई की थी तब सभी चिल्ला रहे थे कि पुलिस शिक्षण संस्थान के परिसर में घुसी कैसे। यह तो नियम के खिलाफ है और अब जबकि पुलिस नहीं गई तो चिल्ला रहे हैं कि पुलिस पहुंची क्यों नहीं। यह दोहरा रवैया कैसे चलेगा। यहां बता दें कि विपक्ष का आरोप है कि हिंसा के दौरान पीसीआर को 20 से अधिक कालें की गईं, लेकिन मौके पर कोई पुलिस अधिकारी नहीं पहुंचा। इसकी वजह से नकाबपोश उपद्रवियों को हिंसा भड़काने का समय मिल गया।

गृहमंत्री ने मांगी एलजी से रिपोर्ट
जेएनयू में रविवार की रात हुई हिसंा के मामले में गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस के साथ ही उपराज्यपाल अनिल बैजल से भी जल्द ही मामले की जांच कराकरा रिपोर्ट सौंपने को कहा है। साथ ही कहा है कि जेएनयू में हिंसा फैलाने वाले छात्रों के साथ पुलिस सख्ती से पेश आए। राजधानी में इस तरह के उत्पात को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। यहां बता दें कि रविवार की शाम को जेएनयू के दो छात्रगुटों के बीच जबर्दस्त टकराव हुआ था। इसमें दोनेां पक्षों के करीब 20 छात्र बुरी तरह से जख्मी हो गए थे।

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