बीसीसीआइ में होने जा रहा है यह बदलाव, अब पांच साल तक दिखाई देगी सौरभ गांगुली की ‘दादागिरीÓ

Must Read

Aarogya Setu : कोरोना के संक्रमण से बचाएगा

दुनिया भर में तबाही मचा रहे कोरोना वायरस से जंग के लिए भारत सरकार ने एक मजबूत हथियार की...

corona virus : बेटे को चार कंधे भी नसीब न करा सका बदनसीब बाप

corona virus update ​​​​​दुनिया के हर पिता की यही चाहत होती है कि वह अपने बेटे के कंधे पर...

खुद पर आया कोरोना का संकट तो क्वारंटाइन हो गया मौलाना

corona update  : लॉक डाउन को केंद्र सरकार की साजिश बताने वाले मौलाना साद ने खुद को अब कारंटाइन...
- Advertisement -
- Advertisement -
- Advertisement -

 

नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है, इसके बाद इसमें सौरभ गांगुली को पांच साल तक ‘दादागिरीÓ करने के मौका मिल जाएगा। दरअसल भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की सालाना बैठक (एजीएम) में बोर्ड ने उसके पदाधिकारियों के कार्यकाल को सीमित करने वाले नियम में ढील देने का अहम प्रस्ताव पारित किया। इस प्रस्ताव सहित अन्य प्रस्तावों को सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
बोर्ड ने जिन प्रशासनिक सुधारों में बदलाव का प्रपोजल पास किया है उसमें सबसे अहम ‘कूलिंग ऑफ पीरियडÓ का नियम है। इसी नियम के कारण गांगुली को 10 महीने में ही अध्यक्ष पद छोडऩा होगा। लेकिन, इन प्रशासनिक सुधारों में ढील देने का मतलब बीसीसीआई के संविधान में बदलाव करना है। चूंकि बोर्ड के इस संविधान को सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वीकृति दी गई है, इसीलिए इनमें किसी तरह के संशोधन के लिए भी सर्वोच्च न्यायालय से ही इसकी मंजूरी लेनी होगी। अगर कोर्ट द्वारा मंजूरी दे दी गई तो गांगुली का कार्यकाल बढऩा तय है। एक मुख्य फैसला यह भी लिया गया कि अब से आइसीसी की मुख्य कार्यकारियों की समिति की बैठक में सेक्रटरी जय शाह बोर्ड का प्रतिनिधित्व करेंगे।
बोर्ड के मौजूदा संविधान के अनुसार, अगर कोई पदाधिकारी बीसीसीआई और स्टेट असोसिएशन को मिलाकर 6 वर्ष का कार्यकाल पूरा कर लेता है तो उसे तीन साल का अनिवार्य ब्रेक (कूलिंग ऑफ पीरियड) लेना होगा। इस दौरान वह स्टेट क्रिकेट असोसिएशन और बीसीसीआइ में कोई पद ग्रहण नहीं कर सकेगा। गांगुली ने बंगाल क्रिकेट असोसिएशन में विभिन्न पदों पर 5 वर्ष और 2 महीने तक कार्य कर लिया था। कूलिंग ऑफ नियम में बदलाव हुआ तो गांगुली का 2024 तक प्रेजिडेंट पद पर बने रहना मुमकिन है। मौजूदा पदाधिकारी चाहते हैं कि अनिवार्य ब्रेक किसी व्यक्ति के बोर्ड और स्टेट असोसिएशन में छह साल के दो कार्यकाल अलग-अलग पूरा करने पर शुरू हो। इस कदम को स्वीकृति मिलती है तो सेक्रटरी जय शाह के कार्यकाल को बढ़ाने का रास्ता भी साफ हो जाएगा।

 

- Advertisement -
- Advertisement -

Latest News

Aarogya Setu : कोरोना के संक्रमण से बचाएगा

दुनिया भर में तबाही मचा रहे कोरोना वायरस से जंग के लिए भारत सरकार ने एक मजबूत हथियार की...

corona virus : बेटे को चार कंधे भी नसीब न करा सका बदनसीब बाप

corona virus update ​​​​​दुनिया के हर पिता की यही चाहत होती है कि वह अपने बेटे के कंधे पर श्मशान तक जाए, लेकिन कुछ...

खुद पर आया कोरोना का संकट तो क्वारंटाइन हो गया मौलाना

corona update  : लॉक डाउन को केंद्र सरकार की साजिश बताने वाले मौलाना साद ने खुद को अब कारंटाइन कर लिया है। उनका एक...

केजरीवाल के लिए बालीवुड से आया सवाल, विज्ञापन पर क्यों खर्च कर रहे जनता का पैसा

नई दिल्ली । कोरोना वायरस ने एक तरफ जहां दिल्ली में पैर पसारने शुरू कर दिए हैं । वहीं दूसरी तरफ केजरीवाल (Arvind Kejriwal)...

Coronavirus: कनिका कपूर के परिवार की बढ़ी चिंता, चौथी रिपोर्ट भी आई पाजिटव

बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर (Kanika Kapoor) की किस्मत शायद अब उनका साथ नहीं दे रही है, लगातार इलाज के बावजूद कोरोना वायरस  Covid 19...
- Advertisement -