शह और मात के खेल का नया बादशाह है आर प्रज्ञानंद

Must Read

Sapna Chaudhary ने छोरा जाट सा पर किया जबर्दस्त डांस, देखें कैसे दिवानी हुई पबिलक

हरियाणा की देसी डांसर सपना चौधरी के वीडियो वैसे तो सोशल मीडिया पर छाए ही रहते हैं, लेकिन हाल...

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, कोरोना की मुफ्त जांच की व्यवस्था करे सरकार

कोरोना से जंग लड़ रहे देशवासियों के लिए शीर्ष अदालत से राहत भरी खबर आई है। सुप्रीम कोर्ट ने...

Aarogya Setu : कोरोना के संक्रमण से बचाएगा

दुनिया भर में तबाही मचा रहे कोरोना वायरस से जंग के लिए भारत सरकार ने एक मजबूत हथियार की...
- Advertisement -
- Advertisement -
- Advertisement -

नई दिल्ली । विरोधी के कदम बढ़ाने से पहले ही उसके मकसद को भांप लेना उसका शगल है, हार उसे पसंद नहीं और जीत जाए तो मुस्कराहट उसका आवरण बनती है। दुनिया में किसी चीज से उसे सबसे ज्यादा नफरत है तो वह हार से है। उम्र भले ही 12 साल की है लेकिन शह मात के खेेल में वह बड़े बड़ों के माथे पर पसीना ला देता है। जी हां हम बात कर रहे हैं चेन्नई के 12 साल के आर प्रज्ञानंद की, जो 12 साल 10 महीने की उम्र में शह और मात के खेल का नया बादशाह बन गया है। हालांकि दुनिया में सबसे उम्र के ग्रैंड मास्टर का रिकार्ड अब भी उक्रेन के सर्गेई कार्जाकिन के नाम पर है। सर्गेई अब जीवित नहीं हैं, लेकिन यह रिकार्ड उन्होंने 2002 में 12 साल, सात महीने की उम्र में बनाया था। इससे पहले सबसे कम उम्र के भारतीय ग्रैंडमास्टर का खिताब परिमार्जन नेगी के नाम था, जिन्होंने 13 साल 4 महीने की उम्र में यह कारनामा कर दिखाया था। इटली में खेले गए ग्रेडीन ओपन में प्रज्ञानंद ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नौंवें राउंड में नीदरलैंड के प्रुजिसर्स के साथ ड्रॉ खेला और देश का सबसे छोटा शतरंज ग्रैंडमास्टर होने का गौरव हासिल किया। माथे पर करीने से सजे बाल और उनके ठीक नीचे सफेद टीका लगाकर खेलने वाले प्रज्ञानंद ने साल 2017 में वल्र्ड जूनियर में पहला ग्रैंडमास्टर नॉर्म हासिल किया था। यूनान में खेले गए क्लोज राउंड रॉबिन टूर्नामेंट में उन्हें दूसरा ग्रैंड मास्टर नॉर्म मिला। प्रज्ञानंद ने अपनी बहन वैशाली से शतरंज की चालें सीखीं और उनके गुरू आरबी रमेश ने उन्हें दबाव में होते हुए भी सहज रहने की कला सिखाई। हालांकि निर्णायक मौके पर प्रज्ञानंद कुछ अधीर थे और उन्होंने कुछ अच्छे मौके गंवाकर सबकी धड़कन बढ़ा दी थी, लेकिन अंतत: वह विजयी रहे। प्रज्ञानंद के पिता रमेश बाबू शुरू में यह नहीं चाहते थे कि वह भी अपनी बहन की तरह शतरंज खेलें क्योंकि उनका मानना था कि मध्यमवर्ग का परिवार दो बच्चों का खेल का खर्च वहन नहीं कर पाएगा, लेकिन बहुत छुटपन से ही शतरंज के प्रति प्रज्ञानंद की लगन और वैशाली का सहयोग देखकर वह इसके लिए सहमत हो गए। आज उनकी इस उपलब्धि पर पूरा परिवार खुश है। पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने ट््वीट करके प्रज्ञानंद को उनकी इस इस जीत की बधाई दी। उन्होंने ट््वीट किया’क्लब में स्वागत है और बधाई प्रज्ञानंद। जल्द ही चेन्नई में मुलाकात होगी।Óइस बीच प्रज्ञानंद के कोच आर बी रमेश ने इस उपलब्धि को शानदार करार दिया। उल्लेखनीय है कि विश्वनाथन आनंद ने 18 बरस की उम्र में ग्रैंडमास्टर का दर्जा हासिल किया था और यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह देश के पहले शतरंज खिलाड़ी थे। यहां यह कहना गलत नहीं होगा कि विश्वनाथन की मेहनत ने शतरंज को देश में प्रचलित किया और वह युवा खिलाडिय़ों के लिए प्रेरणास्रोत बने।

- Advertisement -
- Advertisement -

Latest News

Sapna Chaudhary ने छोरा जाट सा पर किया जबर्दस्त डांस, देखें कैसे दिवानी हुई पबिलक

हरियाणा की देसी डांसर सपना चौधरी के वीडियो वैसे तो सोशल मीडिया पर छाए ही रहते हैं, लेकिन हाल...

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, कोरोना की मुफ्त जांच की व्यवस्था करे सरकार

कोरोना से जंग लड़ रहे देशवासियों के लिए शीर्ष अदालत से राहत भरी खबर आई है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया...

Aarogya Setu : कोरोना के संक्रमण से बचाएगा

दुनिया भर में तबाही मचा रहे कोरोना वायरस से जंग के लिए भारत सरकार ने एक मजबूत हथियार की तलाश की है, जो ना...

corona virus : बेटे को चार कंधे भी नसीब न करा सका बदनसीब बाप

corona virus update ​​​​​दुनिया के हर पिता की यही चाहत होती है कि वह अपने बेटे के कंधे पर श्मशान तक जाए, लेकिन कुछ...

खुद पर आया कोरोना का संकट तो क्वारंटाइन हो गया मौलाना

corona update  : लॉक डाउन को केंद्र सरकार की साजिश बताने वाले मौलाना साद ने खुद को अब कारंटाइन कर लिया है। उनका एक...
- Advertisement -