नागरिकता संशोधन बिल पास, प्रधानमंत्री की अनुपस्थित में अमित शाह ने विपक्ष को धोया

Must Read

करीना कपूर, रणबीर कपूर, करण जौहर बॉलीवुड की ‘गॉसिप गर्ल्स’ हैं, अनन्या पांडे का खुलासा

जैसे की हम सभी जानते हैं की देश मैं अभी कोरोना काल चल रहा है इस कोरोना काल के...

अर्जुन कपूर हेरा फेरी में रणवीर सिंह के साथ अभिनय करना चाहते हैं

आपको तो पता होगा की रणबीर सिंह और अर्जुन कपूर बॉलीवुड मैं बोहोत अच्छे दोस्त माने जाते हैं। इस...

मुजफ्फरपुर स्टेशन के जिस बच्चे का वीडियो वायरल हुआ था, शाहरुख करेंगे उसकी मदद

जैसे की हम सभी जानते हैं की इस समय पूरा देश कोरोना नामक वैश्विक बीमारी से जूझ रहा है...
- Advertisement -
- Advertisement -
- Advertisement -

नई दिल्ली । लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक गर्मागर्म बहस के बाद सोमवार की आधी रात में पास हो गया। इस बीच कई राजग दलों ने भी इस विधेयक को पास कराने में केंद्र सरकार के पक्ष में वोट किया। नतीजतन पक्ष में जहां 80 वोट पड़े वहीं इसके विपक्ष में 311 मत ही डाले गए। इससे यह विधेयक भारी समर्थन के साथ पास हो गया। इसके के साथ पाकिस्तान सहित अन्य मुस्लिम देशों से आने वाले लोगों के लिए भारत में नागरिकता का रास्ता खुलने की उम्मीद भी जाग गई है। इधर बिल पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री की अनुपस्थित में अमित शाह ने जमकर विपक्ष को धोया।
सोमवार को लोकसभा में गृहमंत्री अमित शाह ने यह बिल पेश करते हुए कहा कि इन देशों में अल्पसंख्यक हिंदूू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाइयों को भारत में शरण और अधिकार देना भारत का कर्तव्य है। लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा के घोषणा पत्र में भी इसका जिक्र किया गया था और जनादेश ने इस पर मुहर लगाई है। विपक्ष के विरोध करने पर अमित शाह ने उन्हें चुनौती देते हुए कहा कि अगर इसे मुस्लिम विरोधी कोई साबित कर दे तो वह अभी बिल को वापस ले लेंगे। साथ ही यह आश्वासन भी दिया कि अधिकतर पूर्वोत्तर के राज्यों में यह बिल लागू भी नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही स्पष्ट किया कि घुसपैठियों और शरणार्थियों में अंतर है, उन्होंने कहा कि यदि वास्तविक शरणार्थी होगो तो दस्तावेजों के बिना भी उसे नागरिकता दी जाएगी ़लेकिन इसके लिए पूरी जांच पड़ताल जरूरी है। शरणार्थियों की आड़ में घुसपैठियों को देश में जगह किसी भी कीमत पर नहीं दी जा सकती है। इसी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिल पारित कराने में सहयोग देने वाले सांसदों का धन्यवाद किया।
लगभग सात घंटे चली चर्चा में लोकसभा का माहौल बहुत गर्म था और प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति में अमित शाह ने अकेले दम विधेयक पारित करा लिया। इस दौरान कभी तीखी झड़प तो कभी तीखे आरोप-प्रत्यारोप हुए। चर्चा में कुल 48 सदस्यों ने हिस्सा लिया और विपक्ष की ओर से हर किसी ने इस बिल को संविधान और धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ बताया। उनका सीधा आरोप था कि इसमें मुस्लिमों को छोड़कर समानता के अधिकार का उल्लंघन किया गया। शाह ने विपक्ष की इस आशंका को खारिज कर दिया कि विधेयक संविधान के अनुच्छेद 14 के खिलाफ है, जिसमें नागरिकों के बीच भेदभाव नहीं करने का प्रावधान है। उन्होंने उदाहरण देकर बताया कि किस तरह 1971 में विशेष परिस्थितियों में बांग्लादेश से आने वाले शरणार्थियों को शरण दी गई थी। बाद में यूगांडा और श्रीलंका संकट के दौरान भी ऐसा ही किया गया था।
पूरी चर्चा के दौरान राजनीति भी खूब साधी गई और इसकी झलक तब ज्यादा दिखी जब बंगाल से आने वाले तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के सदस्य आमने-सामने हुए। धर्मनिरपेक्षता का आरोप लगा रहे कांग्रेस पर शाह ने भी चुटकी ली और तंज किया कि कांग्रेस अकेली ऐसी पार्टी है जो केरल में मुस्लिम लीग के साथ है और महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ। शाह ने कहा, अगर वोट बैंक के कारण राजनीतिक दलों की आंख और कान बंद हो गए हों तो उसे खोल लें क्योंकि यह विधेयक न्याय देने के लिए है।
ें शाह ने भरोसा दिया कि पूवरेत्तर के राज्यों को इस बिल से डरने की जरूरत नहीं है। अरुणाचल प्रदेश में यह लागू नहीं होगा। इनरलाइन परमिट से सुरक्षित नगालैंड और मिजोरम में इसका कोई प्रभाव नहीं होगा, जबकि मणिपुर में इनरलाइन परमिट को लागू किया जाएगा। संविधान की छठवीं अनुसूची में शामिल होने के कारण मेघालय पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। त्रिपुरा का भी बड़ा हिस्सा इससे बचा रहेगा। असम के मूल निवासियों की भी रक्षा होगी।

 

- Advertisement -
- Advertisement -

Latest News

करीना कपूर, रणबीर कपूर, करण जौहर बॉलीवुड की ‘गॉसिप गर्ल्स’ हैं, अनन्या पांडे का खुलासा

जैसे की हम सभी जानते हैं की देश मैं अभी कोरोना काल चल रहा है इस कोरोना काल के...

अर्जुन कपूर हेरा फेरी में रणवीर सिंह के साथ अभिनय करना चाहते हैं

आपको तो पता होगा की रणबीर सिंह और अर्जुन कपूर बॉलीवुड मैं बोहोत अच्छे दोस्त माने जाते हैं। इस भाग-दौड़ भरी और व्यस्त ज़िन्दगी...

मुजफ्फरपुर स्टेशन के जिस बच्चे का वीडियो वायरल हुआ था, शाहरुख करेंगे उसकी मदद

जैसे की हम सभी जानते हैं की इस समय पूरा देश कोरोना नामक वैश्विक बीमारी से जूझ रहा है और वहीँ दूसरी और कई...

Happy Marriage Anniversary अमिताभ ने खोला राज बोले, इसलिए करनी पड़ी थी फटाफट शादी

  Happy Marriage Anniversary : सुपरस्टार अमिताभ बच्चन और जया बच्चन की शादी को 47 साल पूरे हो गए हैं । 3 जून 1973 को...

आदेश गुप्ता के गुरसाहयगंज से दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष तक के सफर की यह है पूरी कहानी

कोरोना काल में क्रिकेट खेलने वाले भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी आखिर व्यापारी वर्ग के रीड कहे जाने वाले दिल्ली के पूर्व महापौर आदेश गुप्ता...
- Advertisement -