नहीं बढ़ी लालू की जमानत अवधि, 30 अगस्त को करना होगा आत्मसमर्पण

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नई दिल्ली ।  झारखंड उच्च न्यायालय ने चारा घोटाला मामले के दोषी लालू प्रसाद को मिली अस्थाई जमानत अवधि को बढ़ाने से आज इनकार कर दिया और उनसे 30 अगस्त को समर्पण करने को कहा।  अदालत ने प्रसाद को स्वास्थ्य कारणों से अस्थाई जमानत दी थी। हालांकि आज उसने जमानत की अवधि बढ़ाने से इनकार करते हुए अदालत ने कहा कि वह 30 अगस्त को सीबीआई अदालत के समक्ष समर्पण करें। यदि उनका स्वास्थ्य खराब है तो परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उनका इलाज रिम्स में किया जाएगा। झारखंड उच्च न्यायालय की न्यायमूॢत अपरेश कुमार ङ्क्षसह की पीठ ने प्रसाद की अंतरिम जमानत संबंधी याचिका पर सुनवाई करते हुए राजद प्रमुख के वकीलों द्वारा दी गयी दलीलों को आज अस्वीकार कर दिया। पीठ ने स्पष्ट किया कि जरूरत पडऩे पर उनका इलाज रिम्स में होगा। अदालत ने लालू को सीबीआई की विशेष अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने के निर्देश दिये। प्रसाद की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनुङ्क्षसघवी ने इलाज के लिए राजद प्रमुख की अंतरिम जमानत अवधि तीन माह और बढ़ाने का अनुरोध किया।  उन्होंने बताया कि प्रसाद की किडनी में संक्रमण, फिस्टूला, हृदय एवं अन्य समस्याओं के चलते उनका सम्यक इलाज अभी भी एशियन हार्ट इंस्टीट््यूट, मुंबई में आवश्यक है। लेकिन उनकी इस दलील का सीबीआई के अधिवक्ता राजीव सिन्हा ने विरोध किया जिसके बाद अदालत ने प्रसाद की अंतरिम जमानत की अवधि आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया। इससे पहले प्रसाद को 27 अगस्त तक के लिए अस्थाई जमानत दी गयी थी। प्रसाद के अधिवक्ता ने अनुरोध किया कि अस्थाई जमानत की इस अवधि को कम से कम 30 अगस्त तक बढ़ा दिया जाये ताकि प्रसाद सीबीआई अदालत में आत्मसमर्पण कर सकें।

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