कन्नूर विश्वविद्यालय में सीएए पर बोल रहे, केरल के राज्यपाल के साथ की गई अभद्रता

Must Read

क्या पत्रकारिता दिवस मनाना औचित्य मात्र रह गया है…..

हर साल 30 मई को पत्रकारिता दिवस मनाया जाता है l जिसका मुख्य उद्देश्य समाज को पत्रकारिता के मूल...

यूपी सरकार ने आम की होम डिलीवरी की शुरू की व्यवस्था, अब घर बैठे उठाएं आम का लुत्फ

प्रदेश में भी अब ऑनलाइन बुक कर बागों से सीधे डोर स्टेप पर आप ताजे रसीले आम मंगा सकेंगे।...

Love story का दुखद अंत: प्रेमिका की हत्या के बाद प्रेमी बोला मुझे भी मार दो, लड़की के बाप ने उसे भी मार दी...

  उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले की पुलिस ने प्रेमी-प्रेमिका की मौत के मामले में सनसनीखेज खुलासा किया है। लड़की...
- Advertisement -
- Advertisement -
- Advertisement -

नई दिल्ली । कुन्नूर विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम के दौरान सीएए पर बोल रहे केरल के राज्यपाल को न सिर्फ बोलने से रोका गया, बल्कि उनके साथ अभद्रता भी की गई। राज्यपाल ने सोशल मीडिया पर खुद यह जानकारी साझा की है। साथ ही विश्वविद्यालय के कुलपति को भी तलब किया है। जाने-माने इतिहासकार इरफान हबीब को इस व्यवहार के लिए राजभवन में तलब किया गया है। साथ ही राज्यपाल ने विश्वविद्यालय प्रशासन से कार्यक्रम की सीसीटीवी फुटेव व वीडियो फुटेज भी लाने के लिए कहा है।
कन्नूर विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल मुख्य अतिथि थे। कार्यक्रम के फोटो के साथ एक के बाद एक किए ट्वीट में आरिफ मुहम्मद खान ने कहा कि आइएचसी के दौरान मंच पर और सामने बैठे लोगों की तरफ से उनके भाषण में बार-बार बाधा डाली गई। मुस्लिम समुदाय का उदारवादी चेहरा माने जाने वाले आरिफ मुहम्मद खान ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘इरफान हबीब तो मंच से उठकर उन्हें रोकने के लिए उनके पास तक चले आए, उन्होंने मौलाना अबुल कलाम आजाद का हवाला दिया तो हबीब ने चिल्लाकर कहा कि उन्हें गोडसे का हवाला देना चाहिए।Ó
राज्यपाल के दफ्तर से जारी बयान में कहा गया है कि महामहिम केएडीसी और सुरक्षा अधिकारी ने जब हबीब को रोकना चाहा तो उन्होंने उन्हें भी धक्का दे दिया। आरिफ मुहम्मद खान ने कहा कि उनसे पहले अपने संबोधन में इरफान हबीब ने नागरिकता संशोधन कानून को लेकर कुछ सवाल उठाए थे। उनका यह कर्तव्य था कि वह संविधान की रक्षा और सुरक्षा करें। ऐसे में वह सिर्फ इरफान हबीब और पूर्व के वक्ताओं द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब दे रहे थे।

राज्यपाल ने कहा कि जैसे ही उन्होंने बोलना शुरू किया, मंच पर बैठे हबीब उठकर उनके पास चले आए और उन्हें जबरन चुप कराने की कोशिश की। कार्यक्रम के वीडियो में हबीब की यह हरकत साफ नजर आ रही है। रोक-टोक और शोर-शराबे के बीच राज्यपाल ने अपना भाषण जारी रखा। उन्होंने कहा, ‘आपको विरोध करने का पूरा हक है। लेकिन आप मुङो बोलने से नहीं रोक सकते।Ó बताया जा रहा है कि विरोध करने वालों में दिल्ली के जामिया मिल्लिया, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और जेएनयू के कुछ छात्र भी शामिल थे। इससे पहले राज्यपाल के समारोह में पहुंचने पर काला झंडा दिखाने पर पुलिस ने कांग्रेस समर्थक और यूथ कांग्रेस के 12 कार्यकर्ताओं और मुस्लिम स्टूडेंट फ्रंट के पांच सदस्यों को हिरासत में लिया। भाजपा महासचिव एमटी रमेश ने राज्यपाल के विरोध को सरकार प्रायोजित करार दिया है। उन्होंने इसकी जांच कराने की मांग की और कहा कि यह राज्यपाल की सुरक्षा में चूक का भी मामला है।

 

- Advertisement -
- Advertisement -

Latest News

क्या पत्रकारिता दिवस मनाना औचित्य मात्र रह गया है…..

हर साल 30 मई को पत्रकारिता दिवस मनाया जाता है l जिसका मुख्य उद्देश्य समाज को पत्रकारिता के मूल...

यूपी सरकार ने आम की होम डिलीवरी की शुरू की व्यवस्था, अब घर बैठे उठाएं आम का लुत्फ

प्रदेश में भी अब ऑनलाइन बुक कर बागों से सीधे डोर स्टेप पर आप ताजे रसीले आम मंगा सकेंगे। यह सुविधा अगले सप्ताह से...

Love story का दुखद अंत: प्रेमिका की हत्या के बाद प्रेमी बोला मुझे भी मार दो, लड़की के बाप ने उसे भी मार दी...

  उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले की पुलिस ने प्रेमी-प्रेमिका की मौत के मामले में सनसनीखेज खुलासा किया है। लड़की के पिता ने ही दोनों...

सतपुली कॉलेज से हुआ National Webinar, देशभर के लोगों ने रखे विचार

पौड़ी-गढ़वाल-राजकीय महाविद्यालय सतपुली तथा विद्या अभिकल्पन मनोवैज्ञानिक शोध संस्था हल्द्वानी के संयुक्त तत्वावधान में एक राष्ट्रीय वेबिनार PROBLEMS FACING BY ADOLESCENTS DURING COVID-19 विषय...

नाला खुदाई के दौरान मिला 3 साल पहले MISSING युवक का कंकाल, AADHAR से हुई पहचान

उत्तर प्रदेश के जिला मैनपुरी के किशनी में उस वक्त सनसनी मच गई जब नाला निर्माण के लिए चल रही खुदाई के दौरान उसमें...
- Advertisement -