पंचायत का तुगलकी फरमान, गैंगरेप पीडि़ता के पुलिस से शिकायत करने पर लगाया पांच हजार रुपये जुर्माना

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रायपुर । 21 वीं सदी में भी पंचायतों में तुगलकी फरमान की कल्पना भले ही न की जा सके, लेकिन ऐसा आज भी छत्तीसगढ़ राज्य में हो रहा है। यहां एक गांव में गैंगरेप पीडि़ता ने जब पुलिस से मामले की शिकायत की तो पंचायत ने युवती पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया। पंचायत का कहना था कि युवती ने पुलिस में शिकायत करके गांव का नाम खराब किया है।
्रघटना रायपुर के जशपुर जिले की है। 23 वर्षीय युवती का आरोप है कि दो नवंबर को वह पड़ोस के गांव में अपने रिश्तेदार से मिलने जा रही थी। इसी बीच रास्ते में ही गांव के ही युवक संदीप और एक किशोर ने उसके साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया है। उन्होंने उसे धमकी दी कि वह किसी को भी घटना की सूचना न दे। हालांकि लड़की अगले दिन पुलिस स्टेशन गई, लेकिन उसकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। जब ग्रामीणों को घटना के बारे में पता चला तो समुदाय के सदस्यों की एक बैठक बुलाई गई। उसने अपनी आपबीती सुनाई और न्याय मांगा। लेकिन पुलिस के पास जाने के लिए समुदाय के नेता उसके साथ निराश थे। उन्होंने बताया कि उनके इस कदम से उनके गांव की छवि खराब हुई है, इसलिए युवती के परिवार वालों पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया। वहीं अपराधियों को जघन्य अपराध करने के लिए 5000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। युवती का कहना है कि वह गरीब है इसलिए पुलिस से संपर्क करने की कीमत चुका रही है। आरोप है कि बैठक के दौरान, उस पर शिकायत वापस लेने के लिए दबाव भी बनाया गया। पीडि़ता की मां ने कहा कि बैठक खत्म होने के बाद आरोपितों ने जुर्माने का भुगतान कर दिया। इधर पुलिस ने शिकायत के 12 दिन बाद रिपोर्ट की गई। इधर पुलिस ने आरोपों को निराधार बताया है कि पुलिस का कहना है कि युवती ने घटना के दस दिन बाद महिला सेल से संपर्क किया। इसके बाद तत्काल मामले में रिपोर्ट दर्
कर कार्रवाई शुरू की गई है।

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